आवाज़
कहीं दूर से आ रही है!
Wednesday, August 29, 2012
इकरारनामा-भाग तीन
मालूम हमें है प्रेम नगर के किस्से
भी,
कुछ अपने है कुछ गैरों के है हिस्से भी.
सबने दिल से पैगाम यही भिजवाया है,
सब माया है.
Friday, August 24, 2012
इकरारनामा-भाग दो
नाफरमानियाँ, परदे के पीछे करते वही हैं अब तो,
सौंपा जिन्हें था हमने सरो-ताज ज़िन्दगी का.
Tuesday, August 7, 2012
इकरारनामा-भाग एक
भर लेने दो मेरे सिने में इतनी तपन,
कायम रहे रगों में उबाल रक्त का.
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