Wednesday, August 29, 2012

इकरारनामा-भाग तीन

मालूम हमें है प्रेम नगर के किस्से भी,
कुछ अपने है कुछ गैरों के है हिस्से भी.
           सबने दिल से पैगाम यही भिजवाया है,
           सब माया है.

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